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30 से 40 साल की उमà¥à¤° में गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ होना
à¤à¤¸à¥‡ बहà¥à¤¤ से कारण हैं, जिनकी वजह से शायद आप 30 साल की उमà¥à¤° के बाद ही माठबनने का फैसला करें। हो सकता है पहले आप कà¥à¤› सालों तक अपना करियर बनाना चाहती हों। या फिर शायद आपको उस सही जीवनसाथी की तलाश में समय लग गया हो, जिनके साथ आप शादी करना और घर बसाना चाहें!
30 साल की उमà¥à¤° के बाद मेरे गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ होने की कितनी संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ है?
30 से 40 साल की उमà¥à¤° में पà¥à¤°à¤œà¤¨à¤¨ उपचारों के बिना गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ करने की पूरी संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ होती है। हालांकि, समय काफी तेजी से निकल सकता है, खासकर 35 साल की उमà¥à¤° के बाद, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इसके बाद आपके डिंब की गà¥à¤£à¤µà¤¤à¥à¤¤à¤¾ घटने लगती है।
30 से 34 साल की उमà¥à¤° में आपके गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ 27 से 30 साल के मà¥à¤•ाबले थोड़ी ही कम होती है। 35 साल की आयॠहोने के बाद इसमें मà¥à¤¶à¥à¤•िल हो सकती है। इसलिठबेहतर है कि शिशॠके जनà¥à¤® के लिठजà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ देर न करें, खासकर कि यदि आप दो बचà¥à¤šà¥‡ चाहती हैं तो।
30 की उमà¥à¤° के बाद पà¥à¤°à¤œà¤¨à¤¨ उपचारों की सहायता से गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ करने की कितनी संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ होती है?
अगर, आपको लगता है कि आपको गरà¥à¤à¤¾à¤§à¤¾à¤¨ में मदद की जरà¥à¤°à¤¤ है, तो बेहतर है कि आप जलà¥à¤¦ से जलà¥à¤¦ उपचार शà¥à¤°à¥ करें। इंटà¥à¤°à¤¾à¤¯à¥‚टेरीन इनà¥à¤¸à¥‡à¤®à¤¿à¤¨à¥‡à¤¶à¤¨ (आईयूआई) और आईवीà¤à¤« जैसे उपचार 30 से 35 साल की उमà¥à¤° की महिलाओं में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ सफल रहते हैं।
30 से 34 साल की उमà¥à¤° में हर उपचार चकà¥à¤° में जीवित शिशॠको जनà¥à¤® देने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ तीन में से à¤à¤• रहती है। 35 साल की उमà¥à¤° के बाद उपचार की सफलता की दर घटती जाती है और 40 साल की उमà¥à¤° तक आते-आते यह करीब सात में से à¤à¤• रह जाती है।
30 साल की उमà¥à¤° के बाद माठबनने के कà¥à¤¯à¤¾ फायदे व नà¥à¤•सान हैं?
फायदे
30 साल की उमà¥à¤° के बाद माठबनने के कई फायदे हैं। इस समय तक आप अपने करियर और जीवन साथी के साथ रिशà¥à¤¤à¥‡ को लेकर काफी निशà¥à¤šà¤¿à¤‚त हो चà¥à¤•ी होंगी। ये दोनों ही चीज आपके बढ़ते परिवार के लिठà¤à¤• मजबूत आधार पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करेंगे।
अगर, आप शिशॠके जनà¥à¤® के बाद दोबारा काम पर लौटती हैं, तो à¤à¥€ शायद आप पहले जितनी आमदनी कमा सकेंगी। पहले माठबनने का निरà¥à¤£à¤¯ लेने वाली महिलाओं की आय पर इस वजह से दीरà¥à¤˜à¤•ालीन असर पड़ सकता है।
कà¥à¤› समय के लिठनौकरी छोड़ देना आपके लिठइस समय शायद आसान हो, जबकि 40 की उमà¥à¤° के बाद à¤à¤¸à¤¾ कर पाना मà¥à¤¶à¥à¤•िल होगा। 40 की उमà¥à¤° के बाद गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के लिठके लिठअपने सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¿à¤¤ करियर के बीच में वà¥à¤¯à¤µà¤§à¤¾à¤¨ डालना आपके लिठमà¥à¤¶à¥à¤•िल होगा।
जिंदगी के इस चरण पर मà¥à¤®à¤•िन है कि आप और आपके पति, माता-पिता बनने की अपनी सबसे रोमांचक यातà¥à¤°à¤¾ की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ से पहले à¤à¤• साथ कई अनà¥à¤¯ शानदार यातà¥à¤°à¤¾à¤“ं में जा चà¥à¤•े होंगे।
30 की उमà¥à¤° के बाद माठबनने वाली महिलाओं में à¤à¥€ काफी शकà¥à¤¤à¤¿ और लचीलापन होता है, ये विशेषताà¤à¤‚ छोटे बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लालन-पालन में काफी काम आती हैं। निसà¥à¤¸à¤‚देह, हर इंसान अलग होता है, मगर पहले की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में अब आप सà¥à¤µà¤¯à¤‚ को अचà¥à¤›à¥€ तरह समà¤à¤¤à¥€ होंगी। इस समय आपके अंदर अधिक लचीलापन होगा, जो कि 40 की उमà¥à¤° के बाद शायद इतना नहीं रहेगा।
नà¥à¤•सान
30 से 40 साल की उमà¥à¤° में अधिकांश महिलाओं की गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में कोई परेशानी नहीं आती, मगर आपकी उमà¥à¤° जितनी जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होगी, आपको मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ और उचà¥à¤š रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª (हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤°) जैसी सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ रहने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होती है। इन सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का आपकी गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ और डिलीवरी पर असर पड़ सकता है।
दà¥à¤°à¥à¤à¤¾à¤—à¥à¤¯à¤µà¤¶ गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤ à¤à¥€ अधिक उमà¥à¤° की महिलाओं में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ आम हैं। गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤ की दर à¤à¥€ निरंतर बढ़ती जाती है।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ की कà¥à¤› जटिलताà¤à¤‚ जैसे असà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¤¿à¤• गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ (à¤à¤•à¥à¤Ÿà¥‹à¤ªà¤¿à¤• पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी) और गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤§à¤¿ मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ (जेसà¥à¤Ÿà¥‡à¤¶à¤¨à¤² डायबिटीज) à¤à¥€ अधिक उमà¥à¤° की महिलाओं में अधिक आम हैं।
35 साल की उमà¥à¤° में डाउंस सिंडà¥à¤°à¥‹à¤® और अनà¥à¤¯ सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ चिंता का विषय होती है। 30 साल की उमà¥à¤° में डाउंस सिंडà¥à¤°à¥‹à¤® से गà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ शिशॠको जनà¥à¤® देने की आशंका थोड़ी कम होती है। 35 साल की उमà¥à¤° में यह जोखिम बढ़ जाता है और 40 साल की उमà¥à¤° में तो यह खतरा और à¤à¥€ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होता है।
बढ़ती उमà¥à¤° का आपकी गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ पर कà¥à¤¯à¤¾ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ पड़ सकता है, यहां जानें।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के लिठमà¥à¤à¥‡ कà¥à¤¯à¤¾ तैयारी करनी चाहिà¤?
उमà¥à¤° को दरकिनार करते हà¥à¤, à¤à¤¸à¥‡ कई उपाय है, जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ अपनाकर आप सà¥à¤µà¤¯à¤‚ को सामानà¥à¤¯ गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ और सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ शिशॠपाने का सरà¥à¤µà¥‹à¤¤à¥à¤¤à¤® अवसर दे सकती हैं।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के लिठखà¥à¤¦ को तैयार करने से जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ हमारे सà¥à¤à¤¾à¤µ पढ़ें।
अपनी पà¥à¤°à¤œà¤¨à¤¨ कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ को बढ़ाने के लिठआप अपनी जीवनशैली में कà¥à¤› बदलाव कर सकती हैं। यदि आप धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ करती हैं तो बेहतर है कि इसे अब बंद कर दें। फिट रहना, उचित वजन बनाठरखना और शराब का सेवन बंद करना आदि फायदेमंद रहता है।
जब आप गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ के पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करने का निरà¥à¤£à¤¯ लेती हैं, तà¤à¥€ से आपको डॉकà¥à¤Ÿà¤° दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ बताई गई मातà¥à¤°à¤¾ में रोजाना फॉलिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ अनà¥à¤ªà¥‚रक लेना शà¥à¤°à¥ करना चाहिà¤à¥¤ फॉलिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ के सेवन से शिशॠमें तंतà¥à¤°à¤¿à¤•ा तंतà¥à¤° दोष जैसे कि सà¥à¤ªà¤¾à¤‡à¤¨à¤¾ बिफिडा आदि होने का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है।
कà¥à¤¯à¤¾ गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ के पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸à¥‹à¤‚ से पहले मà¥à¤à¥‡ डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥€ जांच करवानी चाहिà¤?
हां, यह अचà¥à¤›à¤¾ रहेगा। डॉकà¥à¤Ÿà¤° आपको जीवनशैली में वे बदलाव करने को कह सकती हैं, जिनसे आपके गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ के पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸à¥‹à¤‚ और गरà¥à¤à¤¸à¥à¤¥ शिशॠपर असर पड़ सकता है। डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥€ चेक-अप करवाने का मà¥à¤–à¥à¤¯ उदà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥à¤¯ यही है कि गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ होने से पहले आप जितना संà¤à¤µ हो सके, उतनी सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ हों।
डॉकà¥à¤Ÿà¤° आपके चिकितà¥à¤¸à¤•ीय इतिहास पर à¤à¥€ नजर डालेंगी और सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करेंगी कि आपको छोटी माता, खसरा, कंठमाला के रोग और हैपेटाइटिस आदि बीमारियों से बचाव के लिठटीके लगे हà¥à¤ हैं।
यदि हमें किसी पà¥à¤°à¤œà¤¨à¤¨ समसà¥à¤¯à¤¾ की आशंका हो तो कà¥à¤¯à¤¾ करना चाहिà¤?
अगर, आपकी उमà¥à¤° 35 साल या इससे कम है और आप à¤à¤• साल से नियमित संà¤à¥‹à¤— के बावजूद गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ नहीं हो रही हैं, तो समय है कि आप डॉकà¥à¤Ÿà¤° से मिलें। डॉकà¥à¤Ÿà¤° कà¥à¤› टेसà¥à¤Ÿ करवाकर देखेंगी कि गरà¥à¤à¤¾à¤§à¤¾à¤¨ न कर पाने कि कà¥à¤¯à¤¾ कोई चिकितà¥à¤¸à¤•ीय वजह है।
यदि आपकी उमà¥à¤° 36 साल या इससे अधिक है, तो आपको à¤à¤• साल तक इंतजार करने की जरà¥à¤°à¤¤ नहीं हैं। इस मामले में आप जितना अधिक जलà¥à¤¦à¥€ डॉकà¥à¤Ÿà¤° से मिलेंगी, उतना बेहतर है।
कà¥à¤› चिकितà¥à¤¸à¤•ीय समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ आपके लिठगरà¥à¤à¤¾à¤§à¤¾à¤¨ करना मà¥à¤¶à¥à¤•िल बना सकती हैं। अगर, आप गरà¥à¤à¤¾à¤§à¤¾à¤¨ का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ कर रही हैं और आपको निमà¥à¤¨à¤¾à¤‚कित समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ है या रह चà¥à¤•ी है, तो आप तà¥à¤°à¤‚त डॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• करें। जैसे कि:
अनियमित माहवारी
फाइबà¥à¤°à¥‰à¤‡à¤¡à¥à¤¸
à¤à¤‚डोमेटà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸
पॉलिसिसà¥à¤Ÿà¤¿à¤• आवेरी सिंडà¥à¤°à¥‹à¤® (पी.सी.ओ.à¤à¤¸.)
यौन संचारित रोग
पेलà¥à¤µà¤¿à¤• इनà¥à¤«à¥à¤²à¥‡à¤®à¥‡à¤Ÿà¤°à¥€ रोग
गà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾ का ऑपरेशन
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